सवाईमाधोपुर/सूरवाल. सूरवाल थाना क्षेत्र जटवाड़ा कलां गांव के एक खेत में कुछ दिन पूर्व घास काट रही महिला की अज्ञात लोगों ने गला काटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता ने बुधवार को सूरवाल थाने पर पत्रकार वार्ता की। पुलिस अधीक्षक ने इस दौरान सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए हत्या के आरोपी को उसके गांव गढ़ी पुख्ता जिला सामली उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार किया। इस मामले में गहनता से जांच जारी है।
पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता ने बताया कि सूरवाल थाना क्षेत्र के गांव जटवाड़ा कलां निवासी हरिमोहन पुत्र कैलाश मीना ने सूरवाल थाने पर रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में लिखा है कि उसकी 62 वर्षीय मां रामपति 13 मार्च को दोपहर डेढ़ बजे देलपा के नीचे स्थित उनके बगीचे वाले खेत पर पशुओं के लिए चारा लेने गई थी। इसी दौरान कोई अज्ञात व्यक्ति उसकी मां के गले पर धारदार हथियार से वार कर गले में पहना हुआ सोने का जंतर ले गया। गले पर वार करने से उसकी मां रामपति घायल हो गई और वह जैसे-तैसे अपनी जान बचाती हुई गांव की ओर आ रही थी तो रास्ते में गांव के ही हरकेश मीना पुत्र जगराम मीना ने इसे देखा। उसने गांव के आसपास के लोगों को बताया। ग्रामीणों और बेटे की मदद से कार से इलाज के लिए सामान्य चिकित्सालय पहुंचाया लेकिन यहां घायल महिला की स्थिति को गंभीर मानते हुए चिकित्सकों ने उसे जयपुर के लिए रैफर कर दिया। इस दौरान रास्ते में घायल रामपति ने दम तोड़ दिया।
साइबर सैल के तकनीकी मदद से पकड़ा आरोपी
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने गहनता से जांच शुरू कर दी थी। हत्या के आरोपी व्यक्ति की जगह-जगह तलाश के लिए टीमें गठित की। घटनास्थल पर एफएसएल टीम बुलाई गई तथा यहां साक्ष्यों को संकलित किया। साथ ही घटनास्थल की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी करवाई गई। हत्या के आरोपी को पकडऩे के लिए थाना सर्किल और जिला स्तर पर टीमें गठित की गई। इसके अलावा पुलिस घटनास्थल के आसपास और अन्य जगहों से सीसीटीवी फुटेज जुटाए। इस दौरान संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई और साईबर सैल से तकनीकी मदद ली गई। पुलिस को एक व्यक्ति पर संदेह हुआ जो आसिफ पुत्र इकबाल तेली मुसलमान निवासी कष्यपपुरी गढ़ी पुख्ता जिला सामली उत्तरप्रदेश का रहने वाला है और वह यहां अमरूदों के बगीचे में सालों से ठेके का काम कर रहा था। पहले इसके पिता के साथ काम करता था लेकिन अब कुछ सालों से यह अकेला ही ठेके पर काम कर रहा था। कई दिनों से यह लोगों की नजर में था लेकिन घटना के बाद यह अपने गांव सामली उत्तरप्रदेश भाग गया। पुलिस को इस पर संदेह हुआ और साईबर सैल की तकनीकी मदद ली गई। सूरवाल थाने की टीम में शामिल हैडकांस्टेबल देशराजसिंह, कांस्टेबल महेन्द्र सिंह, हनुमानाराम को संदिग्ध व्यक्ति की तलाश के लिए उसके गांव गढ़ीपुख्ता जिला सामली उत्तरप्रदेश भेजा गया।
सिविल पोशाक में पहुंची पुलिस
पुलिस सिविल पोशाक में उसके मोबाइल लोकेशन एवं साईबर सेल की मदद से गढ़ी पुख्ता में संदिग्ध आसिफ के काफी नजदीक पहुंच चुकी थी लेकिन आसिफ शातिर दिमाग का था। यह पुलिस को देखते ही पहचान गया और वहां से भागने लगा। पुलिस ने डेढ़ किमी तक इसका पीछा किया। इस दौरान पुलिस एक टैम्पो के पीछे छिप गई और आसिफ पर नजर रखने लगी। थोड़ी देर के लिए आसिफ ने निश्चित हो गया था कि अब वह पुलिस की पकड़ से दूर हो चुका है। इसी दौरान उसकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए पुलिस ने एकदम उसे डिटेन कर लिया। तत्काल टेंपों में बिठाकर पुलिस गढ़ी पुख्ता थाने पर लाई और जानकारी दी। यहां थाने से भी पुलिस को यही कहा गया कि आसिफ को पुलिस तत्काल ले जाएं ताकि यहां के लोगों को भनक तक न लग सकें। ऐसे में माहौल बिगड़ सकता था। पुलिस टीम ने आसिफ को टेंपो में बिठाया और सामली रेलवे स्टेशन ले आई। यहां से लोकल ट्रेन से और फिर दिल्ली से नंदा देवी एक्सप्रेस से पुलिस लेकर आई।
आरोपी ने कबूली वारदात
सूरवाल थाने पर लाते ही पुलिस अधीक्षक को सूचना दी गई। यहां डिटेनशुदा संदिग्ध आसिफ से गहन पूछताछ की गई। इस दौरान आसिफ ने महिला रामपति के गले पर चाकू से वार करना और सोने के जंतर को लूट लेने की बात स्वीकार की। पुलिस ने घटनास्थल की तस्दीक कराई जिसमें आरोपी ने पूरे घटनाक्रम को स्वीकार किया। घटना में प्रयुक्त चाकू और लूटे गए सोने का जंतर की बरामदगी किए जाने के प्रयास जारी है। पुलिस के अनुसार आसिफ ने सोने का जंतर बेच दिया है। कार्रवाई में सूरवाल थानाधिकारी जयप्रकाश, थाना मलारना डूंगर के पुलिस निरीक्षक जितेंद्र सिंह, सूरवाल थाने के कांस्टेबल भवानी शंकर, संतोष, लक्ष्मण सिंह भी शामिल रहे।