लेकिन इस बिल को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच ज़बरदस्त मतभेद हैं...विपक्ष इस बिल को मुसलमानों के अधिकार पर प्रहार बता रहा है...मुस्लिम संगठन ये भी कह रहे हैं कि वक्फ में किसी भी तरह का बदलाव उसे हरगिज मंज़ूर नहीं है...दूसरी तरफ़ सरकार का कहना है कि वक्फ बिल को लेकर मुसलमानों को गुमराह किया जा रहा है...मुसलमानों के बीच अफवाह फैलाई जा रही है...वक्फ बिल से वक्फ संपत्तियों के नाम पर मनमानी रुकेगी...
आज महादंगल की बहस इसी मुद्दे पर...बिल के ज़रिए वक्फ बोर्ड में सुधार किया जा रहा है या मुसलमानों पर प्रहार की तैयारी है...वक्फ को लेकर कौन कर रहा है गुमराह...सवाल ये भी कि क्या वक्फ बिल पर नीतीश और चंद्रबाबू नायडू जैसे लोग खुलकर सरकार का साथ देंगे या अपना रुख़ बदल सकते हैं...सवाल ये भी है कि क़ानून को लेकर सड़कों पर ज़ोर-आज़माइश क्यों, संसद पर भरोसा क्या नहीं