लाहौल स्पीति, हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश सरकार ने तेलंगाना सरकार के साथ मियार (120 मेगावाट) और सेली (400 मेगावाट) हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय क्षेत्र की संवेदनशील जलवायु, पारिस्थितिकी और जनजातीय अधिकारों को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए लिया गया है। लाहौल स्पीति एकता मंच के बैनर तले सभी जन संगठनों ने प्रदेश सरकार के इस निर्णय के विरुद्ध एकमत होकर बड़े जनआंदोलन की चेतावनी दी है। मंच के संयोजक रिगजिन हायरप्पा ने कहा कि स्थानीय जनता की भावनाओं के उलट हिमाचल सरकार लाहौल स्पीति जिले के अस्तित्व को समाप्त करने पर तुली हुई है। जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अपने हितों की रक्षा के लिए लोग अब निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार हैं।
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