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Eid News : ईद पर दिल्ली के जामा मस्जिद में काली पट्टी बांध नमाज अदा करने पहुंचे लोग, जानिए क्यों? ABP News

2025-03-31 8 Dailymotion

रमजान के महीने की समाप्ति के साथ ही मुस्लिम समुदाय में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है. रविवार को दिल्ली में ईद-उल-फित्र का चांद दिखाई देने के बाद सोमवार यानी 31 मार्च 2024 को पूरे देश में यह पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस वर्ष, 31 मार्च को ईद का त्योहार मनाने के लिए पूरी दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और अन्य प्रमुख शहरों में मुसलमान अपने-अपने इलाकों की मस्जिदों और ईदगाहों में एकत्र होंगे और ईद की विशेष नमाज अदा करेंगे. ईद-उल-फित्र रमजान के महीने के अंत का प्रतीक है, जब 30 दिनों के रोजे के बाद मुस्लिम समुदाय अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हुए ईद की नमाज अदा करता है. यह पर्व खुशी और संतोष का है क्योंकि यह रोजे के दौरान आई कठिनाईयों के बावजूद अल्लाह की मदद और ताकत का एहसास दिलाता है. दिल्ली में ईद की नमाज का समय दिल्ली में ईद-उल-फित्र की नमाज आज सुबह 7 बजे दिल्ली की प्रसिद्ध जामा मस्जिद में अदा की जाएगी. इसके अलावा, बहरि मस्जिद में यह नमाज सुबह 7:30 बजे होगी. इन स्थानों पर उमड़े श्रद्धालुओं का जोश और उत्साह देखते ही बनता है, जहां लोग एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद देते हैं. मुंबई में नमाज के समय मुंबई में बांद्रा स्टेशन के पास स्थित मस्जिद में ईद की नमाज सुबह 8 बजे अदा की जाएगी, जबकि सांताक्रूज में मस्जिद अंसार पर नमाज का समय 7:30 बजे निर्धारित किया गया है. वहीं, डोंगरी स्थित दरगाह मस्जिद में यह नमाज 7:00 बजे होगी. हैदराबाद और लखनऊ में ईद की नमाज हैदराबाद में यूसुफगुड़ा पुलिस ग्राउंड्स पर ईद की नमाज का समय 9:30 बजे रखा गया है. वहीं लखनऊ में बड़ी मस्जिद और मछली शहर की जामा मस्जिद में यह नमाज सुबह 7:30 बजे होगी. इसके अलावा में भोपाल ईदगाह में सुबह 7:30 बजे, इंदौर में सुबह 10 बजे ईद की नमाज पढ़ी जाएगी. देशभर में विविध समय ईद-उल-फित्र की नमाज का समय अलग-अलग शहरों में थोड़ा भिन्न हो सकता है. हर शहर के मस्जिदों और ईदगाहों में आवाम की रायशुमारी से नमाज का समय तय किया गया है. अधिकांश स्थानों पर यह नमाज सुबह से लेकर दोपहर तक अदा की जाएगी. ईद-उल-फित्र का यह पर्व केवल रोजा समाप्त करने का उत्सव नहीं है, बल्कि यह एक अवसर है जब मुस्लिम समुदाय अल्लाह के प्रति आभार व्यक्त करते हैं और अपने साथियों से मिलकर खुशी बांटते हैं. इस दिन की विशेष नमाज में लोग अल्लाह से दुनिया और आख़िरत में खुशहाली और बरकत की दुआ करते हैं.