¡Sorpréndeme!

وَالْعَصْرِ إِنَّ الْإِنْسَانَ لَفِي خُسْرٍ إِلَّا الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ وَتَوَاصَوْا بِالْحَقِّ وَتَوَاصَوْا بِالصَّبْرِ

2025-03-29 3 Dailymotion

وَالْعَصْرِ إِنَّ الْإِنْسَانَ لَفِي خُسْرٍ إِلَّا الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ وَتَوَاصَوْا بِالْحَقِّ وَتَوَاصَوْا بِالصَّبْرِवल अस्र, इन्नल इनसाना लफ़ी खुस् र इल्लल लज़ीना आमानू वा आमिलुस सालीहाती वता वासव बिल हक्क वता वासव बिस सब्रसमय के अनुसार तो मनुष्य घाटे में है, सिवाय उन लोगों के जो ईमान लाए और अच्छे कर्म किए और एक दूसरे को सत्य की शिक्षा दी और धैर्य की शिक्षा दी।