सवाईमाधोपुर. राज्य सरकार ने महिला दिवस पर भले ही राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की रोडवेज बसों में महिला व बालिकाओं के लिए नि:शुल्क यात्रा की पहल की है मगर जिले में रोडवेज बसों में यात्रियों को दुविधाएं नजर आई। हालात यह थे कि कई जगहों पर रोडवेज बसों का टोटा रहा और लंबे इंतजार के बाद बसे पहुंची। ऐसे में महिला यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
राज्य सरकार ने 7 मार्च को रात 12 बजे से 8 मार्च को रात 12 बजे तक महिलाओं को इस बार भी मुफ्त यात्रा का तोहफा दिया। मगर जिला मुख्यालय पर महिला यात्रियों की भीड़ अधिक होने से बसों की कमी खलती दिखी। स्थिति यह है कि बजरिया में गौरव पथ दौसा बस स्टैण्ड पर रोडवेज बसें देरी से पहुंची। ऐसे में घंटो तक यात्री बसों का इंतजार करते नजर आए।
बच्चों के साथ महिलाओं को हुई परेशानी
विशेषकर छोटे बच्चों के साथ सफर कर रही महिलाओं को ज्यादा परेशानी हुई। जैसे ही रोडवेज बसें स्टैण्ड पर पहुंची तो महिलाओं की भीड़ लग गई। दौसा बस स्टैण्ड पर दिनभर महिला यात्रियों की बसों की कमी खली। वहीं टोंक बस स्टैण्ड से भी सुबह से शाम तक बसों में महिलाओं की भीड़ रही।
कई महिलाएं नहीं उठा सकी लाभ
जिला मुख्यालय पर कई महिलाओं को रोडवेज बसों में सफर की जानकारी नहीं थी। ऐसे में वे सरकारी बसों में मुफ्त सफर का लाभ नहीं उठा सकी। वहीं दौसा बस स्टैण्ड सहित अन्य जगहों पर बसों के इंतजार में घंटो तक महिलाएं बैठी रही। कई महिलाओं ने निजी बसों में भी पूर्व की भांति यात्रा की।
केवल राजस्थान की सीमा में रही सुविधा
राजस्थान रोडवेज की बसों में दी गई मुफ्त सफर की सुविधा केवल राज्य की सीमा में ही दी गई। राजस्थान रोडवेज की बस में किसी महिला यात्री ने दिल्ली तक का सफर किया तो राजस्थान की सीमा में अंतिम स्टेशन तक महिला यात्री का किराया नहीं लगा। उसके बाद से गंतव्य तक का किराया लिया गया।