अंतरिक्ष में आवाज़ नहीं होती क्योंकि वहाँ वायु या कोई अन्य माध्यम नहीं होता जो ध्वनि तरंगों को संचारित कर सके। ध्वनि तरंगें यांत्रिक तरंगें होती हैं, जिन्हें आगे बढ़ने के लिए किसी ठोस, द्रव या गैस माध्यम की आवश्यकता होती है।
पृथ्वी पर, जब कोई वस्तु कंपन करती है, तो वह आसपास की हवा (या अन्य माध्यम) के कणों को भी कंपन कराती है, जिससे ध्वनि तरंगें उत्पन्न होती हैं और हमारे कान तक पहुँचती हैं। लेकिन अंतरिक्ष लगभग पूर्णतः निर्वात (vacuum) है, यानी वहाँ हवा या कोई अन्य कण मौजूद नहीं होते जो ध्वनि को आगे बढ़ा सकें। इसलिए, अंतरिक्ष में चाहे कोई विस्फोट हो या कोई वस्तु टकराए, उसकी आवाज़ नहीं सुनाई देती।
हालांकि, वैज्ञानिक अंतरिक्ष में विद्युतचुंबकीय तरंगों (जैसे रेडियो तरंगें) को पकड़कर उनका विश्लेषण कर सकते हैं, लेकिन ये तरंगें ध्वनि नहीं होतीं—बल्कि वे ऐसी तरंगें होती हैं जिन्हें उपकरणों के माध्यम से सुना जा सकता है।