राज्यपाल राजस्थान हरिभाऊ किसनराव बागडे ने राजस्थान की विधानसभा में अभिभाषण दिया तो उसमें उन्होंने बॉर्डर के तामलोर गांव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे बाड़मेर जिले के तामलोर गांव गए थे जहां नल खोला तो पानी आ रहा था। उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए विकास का उदाहरण दिया। इस दौरान सदन में मौजूद सदस्यों ने करतल ध्वनि से उद्बोधन का स्वागत किया।
क्यूं किया तामलोर का जिक्र- बाड़मेर जिले के गडरारोड उपखंड का तामलोर गांव कुछ माह पूर्व चर्चा में आया जब राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गांव के कई घरों में पहुंच वहां के रहन-सहन और सुविधाओं की जानकारी ली। यहां उन्हें सरपंच हिंदूसिंह तामलोर ने बताया कि गांव में आठ सौ किमी दूर से नहर के माध्यम से नलों से घर-घर पहुंचा है। इस पर राज्यपाल ने एक घर में नल खोल कर देखा तो वहां पानी आ रहा था जिस पर उन्होंने खुशी जताई थी।
तामलोर के लिए गर्व की बात- सरपंच हिंदूसिंह तामलोर का कहना है कि ये गांव व जिले के लिए गर्व की बात है कि राज्यपाल के अभिभाषण में उनका जिक्र हो रहा है। उनके अनुसार जनता की जागरूकता, प्रशासन के सहयोग और ग्राम पंचायत प्रशासन की मेहनत से यह संभव हुआ।