बस्सी @ पत्रिका. शहर में बंदरों का आतंक इस कदर है कि पता नहीं बंदर कब आए जाए कब किसकों जख्मी कर जाए, कब कौनसी चीज उठा ले जाए। बंदरों से बचाव के लिए शहर में दुकानदारों एवं मकान मालिकों ने बंदरों से बचाव के लिए लोहे की जालियां लगा रखी है।