लखनऊ: उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक बहस गरमा गई है। विपक्ष एनकाउंटर के तरीके को लेकर सरकार को घेरता रहा है। कुछ घटनाक्रमों में बात यहां तक पहुंच गई है कि पुलिस की खास विंग एसटीएफ को जातिवादी राजनीति के खांचे में कसा जाने लगा। इन्हीं सब सवालों पर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार ने आईएएनएस से खास बातचीत की है। उत्तर प्रदेश में कांस्टेबल पुलिस भर्ती परीक्षा सकुशल संपन्न होने के पीछे की रणनीति से जुड़े सवाल पर प्रशांत कुमार ने कहा कि वर्तमान शासन की नीति रही है कि परीक्षा शुचितापूर्ण तरीके से कराई जाएं और इसमें किसी तरह का कोई पक्षपात और भेदभाव न किया जाए। इस बार हमारे भर्ती बोर्ड और अन्य जो स्टेक होल्डर्स ने संयुक्त तरीके से काम किया और भर्ती बोर्ड द्वारा बहुत सी नई चीजें की गईं। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल किया गया और जो प्रश्न पत्र आदि तैयार होते हैं उसमें भी काफी चीजों में नया इनोवेशन किया गया। नकल माफिया या जो पर्चा लीक कराने वाले लोग हैं उनकी रणनीतियों को हमने पहले से ही फेल किया। इसके अलावा डायल 112 के पहले और अब के रिस्पांस टाइम, साइबर क्राइम पर अंकुश के उपाय, यूपी में हुए कुल एनकाउंटर की संख्या को लेकर पूछे गए सवाल पर भी डीजीपी प्रशांत कुमार ने प्रतिक्रिया दी।
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