कोयम्बत्तूर. कोयम्बत्तूर सिटी पुलिस ने बार मालिकों को निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि शराब पीकर आए लोगों के पास घर लौटने के लिए ड्राइवर हो या बार मालिक शराब पीकर आए लोगों को घर पहुंचाने के लिए ड्राइवर की व्यवस्था करें। पुलिस विभाग के अनुसार, बार मालिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोयम्बत्तूर में बार में आने वाले लोग अपने वाहन से अपने ड्राइवर के साथ आएं।
बार के लिए पेश किए नए नियम
शराब पीकर गाड़ी चलाना गैरकानूनी और लापरवाहीपूर्ण है। कोयम्बत्तूर पुलिस विभाग द्वारा मोटर चालकों और आम जनता को पहले ही कई जागरूकता अभियान और प्रेस विज्ञप्तियां दी जा चुकी हैं। 23 से 25 अगस्त तक पिछले 3 दिनों में शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले कुल 178 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है, जिनमें 126 दुपहिया वाहन चालक और 52 चार पहिया वाहन चालक शामिल हैं, जिनमें 18 लग्जरी कारें हैं। पुलिस ने कहा कि बार प्रतिष्ठानों को अपने पब में आने वाले लोगों पर भी कड़ी निगरानी रखनी चाहिए, ताकि यह देखा जा सके कि वे किसी अन्य नशीली दवा का सेवन तो नहीं कर रहे हैं और जो व्यक्ति शराब पीने आता है, उसकी आयु उचित है या नहीं। उन्हें सलाह दी जाती है कि यदि शराब पीने वाले का व्यवहार संदिग्ध लगे तो वे तत्काल संबंधित थाने के पुलिस विभाग को सूचित करें। सभी बार और पार्किंग क्षेत्रों के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए। इसके सुचारू संचालन के लिए प्रतिदिन इसकी निगरानी और रखरखाव किया जाना चाहिए।
पुलिस ने नशे में वाहन चलाने पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाए सीसीटीवी कैमारें की रिकॉर्डिंग कम से कम एक महीने के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए। इसे मांगे जाने पर पुलिस को सौंप दिया जाना चाहिए। यदि संबंधित पब का प्रबंधन उपरोक्त सावधानियां बरतने में विफल रहता है और इसके कारण कोई कानून और व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होती है, तो संबंधित पब के प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उसका लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। सार्वजनिक सूचना पर शहर की पुलिस ने कहा सभी मोटर चालकों को पता होना चाहिए कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत नशे में वाहन चलाना दंडनीय अपराध है। पहली बार शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 10,000 रुपए का जुर्माना या 6 महीने तक की कैद या दोनों हो सकते हैं। दूसरी बार अपराध करने पर 15,000 रुपए तक का जुर्माना या 2 साल तक की कैद या दोनों हो सकती हैं।