ओडिशा में हुए रेल हादसे के बाद सबसे पहले घटना स्थल पर वहां के आसपास गांव के लोग ही पहुंचे जो मौके की स्थिति के बारे में बता रहे है. शायद गांव वाले पर घायल लोगों के लिए देवदूत बनकर ही गए थें गांव वालों ने बहुत से लोगों का खुद उपचार किया. पानी से लेकर उनको साहस बनाया.