शहर में बीते पांच दशक से आवासीत गाडिय़ा लुहार परिवार आवास के लिए भटक रहे हैं। नगर पालिका एवं वन विभाग के बीच पेंच फंसा होने से गाडिय़ा लुहार बीच में पिसरहे रहे हैं।