यह महल नहीं, सराय है बाबा ! आप एक नहीं, जितना दिन रहना चाहो रह सकते हो। पृथ्वीलोक पर एक ऋषि रहते हैं जो कई हजारों वर्षों से पृथ्वी लोक में निवास कर रहे हैं,