सतना, 4 अक्टूबर। दशहरा का त्योहार पांच अक्टूबर को पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा। विजयदशमी का त्यौहार धर्म की अधर्म पर जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भगवान श्री राम ने रावण का वध कर लंका पर विजय हासिल की थी। उसके बाद माता सीता को मुक्त करवा कर अयोध्या वापस लेकर लौटे थे। जिसके बाद से दशहरा के दिन प्रतिवर्ष रावण के पुतले का दहन किया जाता है। हालांकि भारत में कई ऐसे स्थल हैं जहां पर लोग आज भी रावण के पुतले का दहन नहीं करते हैं, वहां पर उसकी पूजा की जाती है। मध्य प्रदेश के सतना जिले में भी रावण की प्रतिमा हैं और यहां पर उसके पुतले का दहन नहीं किया जाता है। यहां पुतले की नहीं बल्कि प्रतिमा की पूजा होती है। यहां की मान्यता है कि यह प्रतिमा 300 वर्ष से भी ज्यादा पुरानी है।