भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की दो पहचान हैं। पहली- झीलों की नगरी और दूसरी- यहां की ग्रीनरी। लेकिन भोपाल की इस ग्रीनरी (Bhopal Greenery) को अब अपनों की ही नजर लग गई है। भोपाल में जो ग्रीनरी है, उसमें एक-दो नहीं बल्कि 692 अतिक्रमण हो चुके हैं। इन अतिक्रमण के कारण हजारों पेड़ों को वहां सुखाकर काट दिया गया। ऐसा नहीं है कि नगर निगम को इसकी जानकारी नहीं है। सच तो ये है कि कई जगह तो इस ग्रीनरी के कत्ल का गुनहगार खुद निगम है और शायद इसलिए वह इस पूरे मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है।
हालत यह है कि शहर में जो पेड़ पौधे लगे हैं, वहां आए दिन ही नए अतिक्रमण होते जा रहे हैं। यह स्थिति तब है जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हर रोज एक पौधा लगाकर लोगों को हरियाली के बढ़ावे की सीख देने में लगे हैं और सरकार की नाक के नीचे ही ग्रीनरी खत्म कर 692 अतिक्रमण हो गए और किसी के कान में जूं तक नहीं रेंगी। द सूत्र ने सच्चाई का पता लगाने ई-3 अरेरा कालोनी फ्रैक्चर हॉस्पिटल से ई-5 अरेरा कालोनी बांसखेड़ी तक और 4-ईमली में पड़ताल की, क्योंकि नए भोपाल का यह वही इलाका हैं, जहां रसूखदार और वीआईपी रहते हैं, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ।