तीन दिन की बच्ची का सफल ऑपरेशन कर चिकित्सकों ने उसे जीवन दान दिया है। बच्ची स्पाइनलबाईफीडा बीमारी से ग्रसित थी। चिकित्सक बताते हैं कि इस बीमारी में रीढ़ और पीठ का हिस्सा विकसित नहीं होता है।