देहरादून, 28 सितंबर। उत्तराखंड में पेड़ों को बचाने के लिए चिपको आंदोलन तेज हो गया है। राजधानी में जहां भी विकास के नाम पर पेड़ों का कटान हो रहा है। वहीं पर दून के 18 से ज्यादा संगठन पहुंचकर विरोध शुरू करने लगे हैं। जोगीवाला से सहस्त्रधारा चौराहे तक रिंग रोड के विस्तारीकरण में 2200 पेड़ को काटने के विरोध में पेड़ों पर मौली बांधकर विरोध करने के बाद अब संगठनों ने देहरादून दिल्ली हाइवे एक्सप्रेस में 11 हजार पेड़ों के काटने का विरोध भी शुरू कर दिया है। इस अभियान को नो ग्रीनरी, नो वोट का नाम दिया गया है। जिससे जनप्रतिनिधियों को भी अवेयर किया जा सके।