अखिलेश यादव को होना होगा अब और सावधान !
बयान देने से पहले उसकी करनी होगी समीक्षा !
एक भी बयान पड़ सकता है सपा के लिए भारी !
आगामी चुनाव पर दिख सकता है इसका असर !
ATS की कार्रवाई पर अखिलेश यादव ने दिया बयान !
बयान को बीजेपी ने हाथों हाथ लपका और शुरू किया प्रचार !
सपा के खिलाफ अब बीजेपी बना रहे हैं माहौल !
देखिए कब-कब अखिलेश यादव के बयानों से हुआ हंगामा ?
सपा समर्थक बोले राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ये वक्त सावधानी का है !
एक तरफ तो सपा विधानसभा चुनावों की तैयारी में है तो वहीं दूसरी तरफ बेहद सावधानी की भी जरूरत है क्योंकि चुनावी वक्त में की गई छोटी सी लापरवाही सपा के लिए परेशानी का सबब बन सकती है…क्योंकि बीजेपी कोई मौका हाथ से जाने देना नहीं चाहती है…बीजेपी बस इंतजार में है कि सपा नेता कुछ बोले और बीजेपी उसका प्रचार करना शुरू कर दे…पहले भी कुछ इसी तरह का आलाम देखने को मिला है और अब एक बार फिर अखिलेश यादव के एक बयान को बीजेपी जमकर प्रचारिक कर रही है और सत्ताधारियों की तरफ से सपा खिलाफ अभियान भी खड़ा कर दिया गया है…ऐसे में अखिलेश यादव को अब कुछ वक्ते के लिए बेहद सावधान रहने की नसीहत वरिष्ठ नेताओं और सियासी जानकारों ने दी है…दरअसल लखनऊ से गिरफ्तार अल-कायदा के संदिग्ध आतंकियों से जुड़ा हुआ है. रविवार को एटीएस ने लखनऊ के काकोरी इलाके से अल-कायदा के दो संदिग्ध आतंकियों को बड़ी मात्रा में विस्फोटक के साथ गिरफ्तार किया था…उनके नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए प्रदेश में कई जगहों पर छापेमारी चल रही है…इसी बीच अखिलेश यादव से इस बारे में जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसे लेकर सोशल मीडिया में काफी खलबली देखने को मिल रही है…लखनऊ के काकोरी इलाके से एटीएस द्वारा पकड़े गये अलकायदा के संदिग्ध आतंकियों पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कह दिया है कि मैं यूपी की पुलिस पर और खासकर बीजेपी की सरकार पर भरोसा नहीं कर सकता…उनके इस बयान के बाद काफी खलबली मची हुई है…सोशल मीडिया पर बीजेपी ने इसे प्रचारित करना शुरू कर दिया है…यूपी बीजेपी ने ट्वीट करके अखिलेश यादव से पूछा है कि लखनऊ में एटीएस ने अल-कायदा के 2 आतंकियों को गिरफ्तार कर बड़े हमले की साजिश को नाकाम कर दिया…इस सफलता पर गर्व करने की बजाय पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाकर उत्तर प्रदेश पुलिस को अपमानित किया है…अखिलेश जी बताएं उनके लिए देश की सुरक्षा महत्वपूर्ण है या तुष्टिकरण की राजनीति?…इस बयान को बीजेपी जमकर प्रचारिक कर रही है और सियासी माइलेज लेने की पूरी कोशिश है…वहीं मामले पर सियासी जानकारों ने अखिलेश यादव को पहले तोलो फिर बोलो वाली नसीहत दी है…साथ ही कई कार्यकर्ताओं का भी मानना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ये वक्त बेहद सावधानी का है…जो उम्मीद जनता हमसे लगाए बैठी है हमें वो पूरी करनी है और उसके लिए थोड़ा सावधान रहना ही होगा…वैसे यह कोई पहला मामला नहीं है…वैसे तो पक्ष-विपक्ष में बयानों को लेकर घमासान चलता रहता है, लेकिन अखिलेश यादव के बयान से कुछ ऐसे हालात पैदा हो जाते हैं जैसे लगता है वे सेल्फ गोल कर रहे हैं…पिछले समय के दो उदाहरण इसी ओर इशारा कर रहे हैं…पहला कोरोना वैक्सीन लगवायेंगे या नहीं, इस सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा था कि वे बीजेपी की वैक्सीन नहीं लगावायेंगे…कुछ हफ्तों तक उनके इस बयान पर राजनीति होती रही लेकिन, मामला सिर के बल तब खड़ा हो गया, जब मुलायम सिंह यादव ने वैक्सीन लगवा ली…सोशल मीडिया पर इसे लेकर अखिलेश को घेरा जाने लगा…यूपी में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने ट्वीट करके अखिलेश पर न