कोरोने से फैली बदहाली पर सपा नेता का फूटा गुस्सा
देश और प्रदेश की बदइंतजामी को लेकर साधा निशाना
पीएम मोदी के ऊपर किया सपा नेता ने पोस्टर वार
खुद भी कोरोना संक्रमित है विरोध करने वाले सपा नेता
सपा नेता ने पूर लखनऊ को पोस्टर्स से पाट दिया
पोस्टर वार से एक बार फिर बीजेपी का पारा दिख रहा हाई
कोरोना से देश भर में जो अव्यवस्था का माहौल दिख रहा है वो अब विपक्षी दलो के गुस्से का कारण बन रहा है…देश में मौत का तांडव देखने को मिल रहा है और देश का बादशाह चुनाव जीतने की जुगत में लगा हुआ है…हालात ये हैं कि लोग मदद माग रहे हैं और सरकार उनको नए नए नियम सुझा रही है ऐसे में समाजवादी पार्टी के नेताओं का पारा हाई देखने को मिल रहा है और मामले पर सपा नेताओं ने सत्ताधारी पार्टी पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी के खिलाफ पोस्टर वार का एलान किया है…सपा MLC सुनील सिंह साजन ने लखनऊ में जिस तरह से पोस्टर वार शुरू किया है उससे बीजेपी नेता तिलमिलाए दिखाई दे रहे हैं और सपा पर आपदा में राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं वही सपा नेताओं का कहना है कि जो आपदा में राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं उनसे सवाल है कि आखिर उनके आकाओं ने ऐसी करतूत की क्यों कि हमें राजनीति करने का मौका मिला…दरअसल समाजवादी पार्टी के नेता और एमएलसी सुनील सिंह साजन ने लखनऊ की सड़कों पर पोस्टर लगाकर कोविड में मची हाहाकार पर अपना विरोध दर्ज कराया…सुनील सिंह साजन के लगे पोस्टर में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी देश की जनता को माफ कर दीजिए…वो आपकी आत्मनिर्भर स्कीम को समझ नहीं पाई है…कोरोना की पहली लहर में आप ने जनता को बीपी मशीन, मास्क, सेनिटाइजर, पीपीई किट और प्लस ऑक्सीमीटर में आत्मनिर्भर बनाया…अब दूसरी लहर में आप ब्लैक में मिल रहे ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाओं से आत्मनिर्भर बना रहे हैं…पोस्टर के माध्यम से सुनील सिंह साजन ने अपनी तमाम बातों को रखा…इससे पहले सपा नेता सुनील सिंह साजन ने पीएम मोदी के नाम जनता की चिट्ठी लिखी थी और इन तमाम बातों का जिक्र उस चिट्ठी में भी किया था…अब जब लखनऊ में पोस्टर वार शुरू हुआ है तो सियासी पारा हाई दिखाई दे रहा है…सत्तापक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर जमकर तीर दाग रहा है…सवाल इस बात का है कि आखिर जिस तरीके के हालात हैं इनको संभालने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं…पूरे देश में कोरोना से हाहाकार मचा हुआ है…आक्सीजन, दवाओं और बैड की कमी है लेकिन सरकार दावा करती है कि सब सही है…चौंकाने वाली बात ये हैं कि सरकार दावा करती है कि मरने वालों का आंकड़ा कम है और अखबारों के साथ साथ शमशान घाटों से मिल रही तस्वीरें और आंकड़े सरकार के आंकड़ो को झूठा करार दे रहे हैं…आवाम के साथ इस तरह का धोखा करके आखिर सरकार क्या साबित करना चाहती है…अपनी गलती मानने की जगह सरकार लोगों को ही गलत जानकारी देकर वाहवाही बटोरने की कोशिश कर रही है जो राजनीति की सबसे गंदी तस्वीर और सोच को दर्शाता है साफ ही ये रवैया बताता है कि आवाम इनके लिए सिर्फ एक वोटबैंक है इसके अलावा और कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्ट
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