बिना सहरी किए रोजा रखा जा सकता है। इस पर बताया गया कि सहरी करना सुन्नत है लेकिन बिना सहरी के भी रोजा रखा जा सकता है। रोजा रखने के लिए सूर्योदय से पहले सहरी खाई जाती है. इसके बाद पूरे दिन कुछ भी खाया-पिया नहीं जाता. सूरज ढलने के बाद मगरिब की आजान होने पर रोजा खोला जाता है, जिसे इफ्तार कहते हैं. जो लोग रोजा रखते हैं वो 5 वक्त की नमाज भी अदा करते हैं
It can be kept without fasting. It was told that it is Sunnah to do Sahri, but it can be kept fast without Sahri. Sahari is eaten before sunrise to keep Roza. After this, nothing is eaten throughout the day. After the sun sets, the Roza is opened after the liberation of the Maghrib, which is called Iftar. People who keep fasting also offer 5 time prayers
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