नई दिल्ली। पत्रिका कीनोट सलोन में शनिवार को कोराबारी, इस्लामिक स्कॉलर जफरभाई सरेशवाला ने कहा कि रमजान इबादत का महीना है। रात को सोने से पहले तनहाई तहनाई में हिसाब करें कौन से अच्छे काम किए और कौन से बुरे। मुसलमानों को कोरोना ने सोचने का वक्त दिया है। यह वक्त है अपने आप को ठीक करने का।