जम्मू-कश्मीर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के साथ गठबंधन की सरकार से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अलग होने और राज्य में आतंकवादियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई के केंद्र सरकार के वादे पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि केंद्र सरकार की दमनकारी नीति का सबसे ज्यादा नुकसान आम जनता को भुगतना पड़ता है। एक आतंकी को मारने के लिए 13 नागरिकों को मार दिया जाता है।
आज़ाद जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। एक समाचार चैनल से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि हाल के आंकड़ों पर गौर करें तो सेना की कार्रवाई नागरिकों के ख़िलाफ़ ज्यादा और आंतकियों के ख़िलाफ़ कम हुई है। घाटी में हालात बिगड़ने का मुख्य कारण यह है कि मोदी सरकार बातचीत करने की अपेक्षा कार्रवाई करने में ज्यादा यक़ीन रखती है। ऐसा लगता है कि वे हमेशा हथियार इस्तेमाल करना चाहते हैं।