आगरा के ISBT से आज करीब 200 बसों को राजस्थान के कोटा के लिए रवाना किया गया है। ताकि उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों के बच्चे जो कोटा में कोचिंग करने गए थे, वो पिछले लंबे समय से यहीं फंसे हुए हैं। ऐसे में खाने-पीने से लेकर तमाम अन्य दिक्कतों का भी वे सामना कर रहे हैं। ऐसे में उनके माता-पिता और वे खुद सरकार से ये लगातार मांग कर रहे थे कि उनको वहां से निकालकर उनके घर तक पहुंचाया जाए। आज आगरा के अंतरराज्यीय बस अड्डे से उत्तरप्रदेश राज्य परिवहन निगम (UPSRTC) की करीब 200 बसें रवाना हुईं। इस दौरान व्यवस्था के लिए वहां प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी बसों को सैनिटाइज करके ही भेजा जा रहा है। गाड़ी में ड्राइवर, कंडक्टर को मास्क और ग्लब्स भी दिए गए हैं। सोशल डिस्टैसिंग का पालन करते हुए करीब 25 बच्चे ही एक बस में बैठकर आएंगे और उनको संबंधित जगह छोड दिया जाएगा। वहीं इस व्यवस्था को देख रहे के मुताबिक उन्होंने हर बस में एक पुलिसवाले के साथ एक होमगार्ड की भी ड्यूटी लगाई है। साथ ही 10 बसों पर एक सब इंस्पेक्टर को सुपरविजन के लिए तैनात किया गया है। बच्चों के खाने पीने के भी सभी इंतजाम किए गए हैं। दरअसल उत्तर प्रदेश के तमाम शहरों और गांवों के बच्चे इंजीनियरिंग, मेडिकल से लेकर तमाम अन्य कोर्सों के लिए हर साल कोटा जाते हैं और वहां रहकर स्टडी करते हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते देश में लॉक डाउन घोषित है, कोचिंग सेंटर बंद हैं और वे परेशान हैं। लिहाजा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक अभिभावक के तौर पर इनकी पीड़ा को समझा है और इन्हें घर भेजने का फैसला किया है।