जिला आबकारी की शह,मदिरा प्रेमी के सेहत से खिलवाड़ जिले में खुलेआम बिक रही एक्सपायरी बीयर
उमाशंकर दिवाकर,बेमेतरा छत्तीसगढ़
बेमेतरा ,खरीदते समय सतर्क हो जाइए। बीयर पर मैन्यूफैक्चरिंग डेट के साथ होलोग्राम भी चेक कर लीजिए। दरअसल शाजापुर मध्यप्रदेश के बने हुये बियर बेमेतरा जिले के आसपास के इलाके में बिक रही बूम डिस्टलरीज की बीयर एक्सापयर हो चुकी हैं। इसे पीने से लिवर और छोटी आंत से जुड़ी गंभीर बीमारी हो सकती है। सारा खेल आबकारी विभाग की नाक के नीचे चल रहा था। मामला सामने आने पर बेमेतरा बूम बियर आबकारी ने हाल ही में की गई शिकायत में कहा गया है कि बूम स्टांग बियर कंपनी ने 23 अगस्त 2019 की मेंनी फेक्चरिंग लिखा गया है ।इसमे बैच नंबर 53.00.. 18 दर्शायी गई है। लेकिन इन पर भराई तथा निर्माण तिथी 23 अगस्त 2019 की है। होलोग्राम बार कॉर्ड B C 004357459 हैं।
नियमों के मुताबिक भरने के चार माह के भीतर ही फैक्ट्री से बीयर आबकारी भंडार गृह को सप्लाई हो जाना चाहिए। हालात यह है कि अगस्त में भेजी गई बीयर बाजार में आ चुकी है। इसे पीने में खतरा है। इस मामले में सोम डिस्टलरीज प्रबंधन कोई बात करने को तैयार नहीं है। गौरतलब है कि सोम डिस्टलरी प्रदेश की एक बड़ी शराब निर्माता कंपनी है जो कई ब्रांड की शराब और बीयर बनाती है।
बाजार में बिक रही बीयर एक्स शहर की विदेशी शराब दुकानों पर 23 अगस्त 2019 की बनी बीयर आसानी से बिक रही हैं। इस आबकारी आयुक्त को मामले की शिकायत कर दी है।
संदेह में आबकारी विभाग
पूरे मामले में आबकारी विभाग के अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। जानकारी के मुताबिक कंपनी इतने माह से पुरानी बीयर पर होलोग्राम लगाकर बेचती रही, लेकिन किसी ने रोका नहीं। बेमेतरा में अधिकारियों ने यह गलती पकड़ी गई तो मामले की शिकायत हुई।
लोग नहीं देखते एक्सपायरी डेट
सूत्रों के मुताबिक शराब दुकान संचालक, कंपनी व आबकारी की साठगांठ से शहरी,और ग्रामीणों दूरस्थ इलाकों में इन बूम बियर को बेच दिया जाता है। खरीददार अधिकांश एक्सपायरी डेट नहीं देखते हैं,। जिससे उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ होता है। इन बूम बियर पर लिखा रहता है कि इसे 6 माह के पहले यूज कर लिया जाए। करवा रहे जांच
आबकारी अधिकारियों की इसमें क्या भूमिका है यह भी जांच का विषय है। ये कहते है डॉक्टर
लीवर और छोटी आंत से जुडी गंभीर बीमारियां बीयर में अल्कोहल की मात्रा काफी कम होती है। लेकिन इसमें कई प्रकार के केमिकल मिले होते है। एक निश्चित अवधि के बाद इसका सेवन किया जाना खतरे से खाली नहीं है। इससे लीवर और छोटी आंत से जुडी गंभीर बीमारियां हो जाती है। कई बार इसके सेवन से उल्टी दस्त भी लग जाते है।
ये हैं नियम आबकारी विभाग के नियमानुसार बीयर बनने के 4 माह के भीतर ही बीयर को आबकारी के भंडार गृह को भेज दिया जाना चाहिए। चार माह के बाद इसे नहीं भेजा जाए।
भंडारगृह के अधिकारियों को यह निर्देश है कि वे पांच माह पुरानी बीयर को शराब की दुकानों पर सप्लाई नहीं होने दें।
6 माह पुरानी बीयर को बेचा नहीं जाए। इसे भंडार गृह से वापस कंपनी में भेज दिया जाए।