¡Sorpréndeme!

इतना भोग चुके, अभी होश नहीं आया? || आचार्य प्रशांत (2019)

2020-03-29 1 Dailymotion

वीडियो जानकारी:
अद्वैत बोध शिविर, 28.12.19, ग्रेटर नॉएडा, उत्तर प्रदेश, भारत

प्रसंग:
~ क्या ज़िंदगी निजी भोग के लिए है?
~ निजी भोग (Personal consumption) का क्या अर्थ है?
~ दुनिया से कितना रिश्ता रखना चाहिए?

संगीत: मिलिंद दाते