शाहरुख खान के पास आज भले ही ऐशो-आराम के सारे साधन मौजूद हो, लेकिन उन्होंने संघर्ष के दिन भी बिताए हैं। पैसों का संकट भी देखा है, लेकिन हौंसला नहीं खोया। मेहनत की और आज सफलता के शिखर पर बैठे हैं। फिर भी वे अपने पुराने दिनों को भूले नहीं हैं।