गौरीकुण्ड में स्थित इन दोनों कुण्डों का सीधे मां गौरी से जुड़ाव होने के कारण पौराणिक महत्व तो है ही साथ ही इन दोनों कुण्डों अलग विशेषताएं भी हैं.