ऐसे में एससी-एसटी समाज में बीजेपी के प्रति विश्वास बढ़ा है. यही कारण है कि इस बार एससी-एसटी समाज का रुझान एनडीए की तरफ बढ़ा है. जिसका परिणाम लोकसभा के चुनाव में दिख रहा है. गौरतलब है कि संजय पासवान वाजपेई सरकार में मंत्री रह चुके हैं तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.