कहा जा रहा है कि इस पेशोपेश में सिर्फ राजद या महागठबंधन के ही नेता नहीं है बल्कि एनडीए के नेताओं का भी हाल कुछ ऐसा ही है. यहां भी पार्टीयों के बीच सीट की तसवीर साफ नहीं होने से परेशानी बढ़ी हुई है. दोनो घटक दलों के नेत्रित्व की तरफ से कई बार सीटों के ऐलान को लेकर डेडलाईन दिया गया लेकिन अब तक पेंच फंसा हुआ है.